Thursday, August 20, 2009
हो गई देश भक्ति की रस्म अदायागी------------
हर साल की तरह १५ अगस्त आया और चला गया और इसी के साथ देश भक्ति की रस्म अदायगी भी हो गई ; आजदी के शाठ सालो के अंदर ही इतना थका हुआ मुल्क दुनिया मे कोई दूसरा सायद ही हो जिस् आज़ादी के रोंगटे खडे कर देने वाली कुर्वानिया दी गई हो और जो देश एक हज़ार सालो तक गुलाम रहा हो उस के रहनेवाले शहीदों को चंद सालो मे भुला दे यह भी कम हैरत की बात नही है पर क्या फर्क पड़ता है ! हम १५ ऑगस्ट और २६ जनबरी को लंबे लंबे भाषण दे कर छुट्टी पा लेते है और बाकि दिन रोज गाँधी जी के फोटो के नीचे रिश्वत ! मेरी आप से बिनती है की या तो देश भक्ति का यह दिखावा बंद कर दे!
Subscribe to:
Posts (Atom)
